पत्रकारों और महत्वपूर्ण लोगों की पेगासस के माध्यम से की जा रही जासूसी

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने देश में विपक्षी दलों, पत्रकारों और महत्वपूर्ण लोगों की पेगासस के माध्यम से की जा रही जासूसी और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इसकी निष्पश संसदीय समिति द्वारा जांच की जाए।

पार्टी ने यहां सरकार पर निजता के अधिकार का हनन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेगासस के माध्यम से विपक्षी नेताओं व पत्रकारों की जासूसी को लेकर जब अनेक देश जाच कर रहे हैं तो मोदी सरकार की ना नुकुर से उनके राष्ट्र वाद पर संदेह पैदा हो रहा है।उपपा ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की सरकार ख़ुद अपने देश के पत्रकारों, विपक्षी नेताओं की जासूसी कर रही है। पेगासस का कहना है कि यह मशीनें केवल सरकार को बेची जाती है ऐसे में भारत सरकार को अपनी चुप्पी तोड़े और सच्चाई बताए। उपपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार जाँच एजेंसियों का दुरुपयोग कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है।

यहां हुई बैठक में कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सफाई कर्मचारियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल के कारण शहरों में कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हैं जो बरसात और महामारी के दौर में बड़ा संकट बनेगा। उपपा ने सफाई कर्मचारियों की ग्यारह सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को जल्द से जल्द सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी करने के साथ साथ ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करना चाहिए। पार्टी ने कहा कि यदि सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में बीमारियां फैलेंगी जिसकी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी।

बैठक में कल (आज) अल्मोड़ा में होने वाली बैठक की तैयारियों पर भी बात हुई और लोगों से इस बैठक को सफल बनाने की अपील की गई।

यहां हुई बैठक की अध्यक्षता उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी व संचालन गोपाल राम ने किया। बैठक में उपपा की केंद्रीय सचिव श्रीमती आनंदी वर्मा, श्रीमती हीरा देवी, श्रीमती सरिता मेहरा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती अनीता बजाज, योगेश सिंह बिष्ट राजू गिरी, प्रदीप चन्द्र, हरीश सिंह बिष्ट, मुहम्मद वसीम, उत्तराखंड छात्र संगठन की भारती पांडे और दीपांशु पांडे उपस्थित रहे।

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